एंट्री & एग्जिट
एक हवेली
आकर्षण का केंद्र बनी है;
आज उसमें एंट्री खुली है,
क़तार लम्बी लग गई है।
हवेली का देख आंतरिक वैभव
सबकी आँखें चौंधियाँ गई है।
बनाने वाले की नज़रों में
कोई स्वागत योग्य नहीं है!
सबको एक तराज़ू में तौलकर
एग्जिट दिया जा रहा है।
एक बहुत बड़ा समूह रोते बिलखते निकला,
एक समूह चुपचाप, मायूस हो निकला और
एक न निकलने की ढीठाई कर रहा था।
भूल गये!ठहर जाने की व्यवस्था नहीं है।
एंट्री और एग्जिट निश्चित है;
इस मध्य जो हुआ, वह केवल!
खेल खिलौना मात्र था।

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